Trump बोले: Peace चाहिए तो हथियार छोड़ो! Gaza से Iran तक सख़्त मैसेज

अजमल शाह
अजमल शाह

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इसराइल के प्रधानमंत्री बिन्यामिन नेतन्याहू के बीच फ़्लोरिडा में हुई अहम मुलाक़ात ने एक बार फिर Middle East Politics को ग्लोबल सुर्ख़ियों में ला दिया है।

बैठक के बाद साझा प्रेस कॉन्फ़्रेंस में ट्रंप ने कहा कि वह Gaza Peace Plan के दूसरे चरण तक “बहुत जल्दी” पहुँचने की उम्मीद कर रहे हैं। लेकिन यह “peace” पूरी तरह Hamas Disarmament पर टिका होगा।

Trump Style Warning:
“अगर हमास ने हथियार नहीं डाले, तो गंभीर नतीजे भुगतने होंगे।”

20-Point Gaza Peace Plan: क्या है Phase-2?

अक्तूबर में लागू हुए 20 सूत्रीय ग़ज़ा पीस प्लान का दूसरा चरण बेहद संवेदनशील है:

  •  ग़ज़ा में Technocratic Government
  •  हमास का निरस्त्रीकरण
  •  इसराइली सेना की वापसी
  •  इसके बाद Gaza Reconstruction

ट्रंप ने दावा किया कि इसराइल ने योजना का “100% पालन” किया है — हालाँकि ज़मीनी हक़ीक़त कुछ और कहानी कहती है।

Ground Reality: Ceasefire के बीच हमले जारी

ट्रंप के बयान के उलट, Gaza Strip में इसराइली सैन्य कार्रवाई जारी है। हमास द्वारा संचालित Gaza Health Ministry के अनुसार- सीज़फ़ायर के बाद अब तक 414 फ़लस्तीनी मारे जा चुके हैं। यहीं से अंतरराष्ट्रीय समुदाय में यह सवाल उठ रहा है — Peace Plan या Pressure Plan?

Iran पर भी Big Signal: “Another Major Strike Possible”

ट्रंप ने सिर्फ़ ग़ज़ा तक ही बात सीमित नहीं रखी। उन्होंने साफ़ चेतावनी दी कि अगर Iran अपने बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम या न्यूक्लियर वेपन प्रोग्राम को दोबारा आगे बढ़ाता है, तो America another major strike को सपोर्ट कर सकता है।

यह बयान Middle East में नई geopolitical tension की ओर इशारा करता है।

Gaza Reconstruction: “Very Soon” का वादा

ट्रंप ने कहा कि “Gaza में पुनर्निर्माण का काम बहुत जल्दी शुरू हो सकता है।”

हालाँकि विशेषज्ञ मानते हैं कि जब तक security + governance clarity नहीं होगी, reconstruction सिर्फ़ बयान ही रहेगा। Peace talks in Middle East are like traffic signals — हर कोई Green बोलता है, लेकिन गाड़ियाँ Red पर भी चलती रहती हैं।

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